है खुशबू सी चाहत क्या कहना
है दिल में मोहब्बत, आजी सच कहना
होगी फिर इबादत, ज़रा कबूल करना
है छोटी सी गुज़ारिश, ज़रा सुन लेना
कभी तुमसे फरमाइश, अजी ना जी ना
जो आँखों में तुम, तो अब नींद कहा
लगे सोलो सी बारिश अब तेरे बिना
है हमसे मोहब्बत, अब कह भी दो ना